safalata kya hai

सफलता के लिए क्या जरुरी है ?

हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्। तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 37) अर्थ : हे अर्जुन तुम अपना कर्म ( युद्ध) करो और अपना पूरा प्रयास करो यदि सफल नहीं हुए ( वीरगति को प्राप्त हुए) तो तुम्हे अवश्य ही यश की प्राप्ति होगी (स्वर्ग Read more…